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    Yamak Alankar – यमक अलंकार की परिभाषा – उदाहरण

    ByPrashant

    Apr 3, 2021 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,
    Yamak Alankar
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    Yamak Alankar – यमक अलंकार किसे कहते है – यमक अलंकार की परिभाषा – Aamak Alankar ki Paribhasha

    यमक अलंकार – जब एक पंक्ति में जब एक ही शब्द बार-बार आये और उस शब्द का अर्थ भिन्न-भिन्न हो तो उसे यमक अलंकार कहते है। यमक अलंकार की सबसे बड़ी पहचान शब्द एक से ज्यादा बार आए एक ही पंक्ति में जब निर्धारित पंक्ति में जब कोई शब्द बार बार आता है , और कभी कभी दूसरे पंक्ति में आता है, और उस शब्द का मतलब अलग अलग हो तो वह पर यमक अलंकार होता है।

    Yamak Alankar
    Yamak Alankar

    यमक अलंकार के उदाहरण | Yamak Alankar ke udaharan

    1- एक बहुत ही प्रसिद्ध उदाहरण है यमक अलंकार के लिए
    काली घटा का घमंड घटा। – आप ध्यान दीजिये की एक ही पंक्ति में घटा शब्द दो बारे आया हुआ है , और दोनो घटा का अर्थ अलग अलग है। पहला घटा है जो उसका अर्थ – बादल, काली बादल और वही दूसरे घटा का अर्थ – घटना है या काम होना है। तो इस लिए इसमें यमक अलंकार है।

    2- ये एक दूसरी बहुत ही प्रसिद्ध उदाहरण

    कनक कनक ते सौ गुनी,
    मादकता अधिकाय,
    वा खाए बौराय जग,
    या पाए बौराय

    तो अब आप देख रहे होंगे की यहाँ पहली पंक्ति में कनक कनक दो बार आया है और दोनों कनक का अर्थ अलग अलग है पहले कनक का अर्थ – सोना है और दूसरे कनक अर्थ धतूरा है। तो आगे पंक्ति में लिखा है की मादकता, मादकता का अर्थ – नशा होता है तो सोना और धतूरा पाने के बाद मनुष्य अपना आपा खो बैठता है। और आगे लिखा है की वा खाए बौराय जग , या पाए बौराय अब या इसका अर्थ है – वा खाए बौराय मतलब धतूरा खाने से पागल हो जाना और या पाए बौराय मतलब सोना पाजाने से पागल हो जाना।

    3- अब हम तीसरा उदाहरण देखंगे ये काफी प्रसिद्ध उदाहरण है।

    माला फेरत जुग भया
    फिरा न मन का फेर।
    कर का मनका डारि दे ,
    मन का मनका फेर।।

    तो आप देख रहे होंगे की यहाँ मनका शब्द दोहराया गया है , एक ही पंक्ति में दो बार मनका मनका शब्द आया है , इस दोहे में कहा जा रहा है , माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर – माला फेरते फेरते जग बीत गया लेकिन जो मन की बुराइया है वो नहीं फिरि या ख़तम हुई , – कर का मनका डारि दे , मन का मनका फेर – मन के अंदर का माला फेरो सच्चे मन से आराधना करो।

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