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उपसर्ग किसे कहते हैं | upsarg kise kahate hain

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उपसर्ग किसे कहते हैं – उपसर्ग की परिभाषा – upsarg kise kahate hain – उपसर्ग के उदाहरण – upsarg ke udaharan आज हम इस लेख में पढ़ेंगे की उपसर्ग क्या होता है उपसर्ग के कितने प्रकार होते है , उपसर्ग का क्या महत्व है। उपसर्ग कई सरकारी नौकरी वाले एग्जाम में उपसर्ग से प्रश्न पूछे जाते है। तो आप को उपसर्ग के विषय में पूरी जानकारी मिलेगी।

upsarg kise kahate hain
upsarg kise kahate hain

उपसर्ग की परिभाषा | upsarg ki paribhasha

उपसर्ग दो शब्दो से मिलकर बना है उप + सर्ग , उप का अर्थ – समीप होता है और सर्ग का अर्थ – सृष्टि करना , या बनाना तो उपसर्ग का अर्थ हम कह सकते है की किसी शब्द के समीप आकर नया शब्द बनाना। किसी एक शब्द के साथ लग जाते है उपसर्ग तब एक नया शब्द बनाते है तो उसको उपसर्ग कहते है। और जो उपसर्ग होते है वह शब्द नहीं होते है वह शब्दांश होते है। उपसर्ग को में इंग्लिश prifix कहते है। और prefix का मतलब pre = पहले और fix = लगना , prefix किसी मूल शब्द के पहले लगता है

उपसर्ग क्या होता है – upsarg kise kahate hain

उपसर्ग शब्दांश होता है , शब्दांश पूर्ण शब्द नहीं होते है यह शब्द के अंश होते है। जो की किसी शब्द के पहले लग कर उस शब्द के अर्थ को बदल देते है।
१- उपसर्ग शब्दांश होते है।
२- शब्द के पहले लगते है।
३- शब्द के पहले लग कर उस शब्द के अर्थ को बदल देते है।

तो हम कह सकते है की उपसर्ग शब्दांश होते है जो किसी शब्द के पहले लग कर शब्द का अर्थ बदल देते है। या अर्थ में बदलाव ला देते है। तो इस तरह के शब्दांशों को उपसर्ग कहते है। जो किसी शब्द से पहले लगे और अर्थ में बदलाव ला दे। सभी शब्दांश उपसर्ग नहीं होते है।

प्रश्न-questions
उपसर्ग के कितने प्रकार हैं या किनते भेद हैं –
१- पाँच
२- दो
३- तीन
४- चार

इन सभी में से उपसर्ग संस्कृत का मूल उपसर्ग कौन-सा हैं –
१- अ
२- नि
३- सत
४- अन

इन चार शब्द में मूल उपसर्ग किस शब्द में हैं –
१- आरती
२- अपढ़
३- आविष्कार
४- अनपढ़

उपसर्ग कितने प्रकार के होते हैं?

१- संस्कृत के उपसर्ग
२- हिंदी के उपसर्ग
३- अरबी / फ़ारसी के उपसर्ग
४- संस्कृत भाषा के कुछ अव्यय जो उपसर्ग के रूप में प्रयोग किये जाते है।
५- अंग्रेजी भाषा के उपसर्ग
६- एक से ज्यादा उपसर्गो का प्रयोग

ये वे शब्दांश होते है , जो किसी शब्द के शुरुआत में लग कर उस शब्द का अर्थ बदल देते है।
जैसे – हर का अर्थ होता है पराजय यानि की हर जाना हर = पराजय तो अब आप देखंगे की इस हर के आगे हम कितने सरे उपसर्ग लगाए हैं और इन सभी का अर्थ बदल जाता है।
प्र + हार = प्रहार
आ + हार = आहार
उप + हार = उपहार
वि + हार = विहार
सं + हार = संहार
परि + हार = परिहार

उपसर्ग + मूल शब्द = नया शब्द
अप + मान = अपमान
उप + वन = उपवन
वि + देश = विदेश
अन + जान = अनजान
अ + संभव = असंभव

शब्द = उपसर्ग + मूल शब्द
आकाश = आ + काश
प्रयोग = प्र + योग
बेरहम = बे + रहम
दुबला = दू + बला
पराजय = परा + जय
अनपढ़ = अन + पढ़
उपसर्ग के मुख्य रूप से सिर्फ चार प्रकार है। और इस लेख में सिर्फ संस्कृत के उपसर्ग के बारे में पढ़ेंगे।

प्रश्न-questions इन चार शब्दो में किस शब्द में मूल उपसर्ग नहीं हैं –
१- अवज्ञा
२- अवतरण
३- अवस्था
४- अविलम्ब

इन चार शब्दो में संस्कृत का मूल उपसर्ग किस शब्द में नहीं हैं –
१- अधि
२- अध
३- अप
४- अति

इन चार विकल्प से किस शब्द में अप उपसर्ग नहीं हैं-
१- अपयश
२- अपेक्षा
३- अपमान
४- पर्याप्त

संस्कृत के उपसर्ग | sanskrit upsarg

तो सबसे पहले उपसर्ग और उसके बाद उससे बनाने वाले शब्द
अब हम अ से बनाने वाले शब्द लिख सकते है
अ – अचल , अधर्म , अगम , अजन्मा ये सभी शब्द अ उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
अन – अनावश्यक , अनादर , अनागत ये सभी शब्द अन उपसर्ग के प्रयोग से बना है।
अति – अत्यधिक , अत्याचार ये सभी शब्द अति उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
अधि – अधिनायक , अधिपति , अध्यक्ष ये सभी शब्द अधि उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
अनु – अनुकूल , अनुज , अनुक्रम , अनुशासन ये सभी शब्द अनु उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
अप – अपमान , अपशब्द , अपराध ये सभी शब्द अप उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
अभि – अभिमान , अभिशाप , अभियोग ये सभी शब्द अभि उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
अव – अवगुण ,अवकाश , अवनीत ये सभी शब्द अव उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।

अब हम कुछ और उपसर्ग जानेगे

आ – आचरण , आगमन , आमरण ये सभी शब्द आ उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
उत् – उत्तम , उत्कंठा , उत्थान ये सभी शब्द उत उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
उप – उपक्रम , उपसचिव , उपदेश ये सभी शब्द उप उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
दुर् – दुर्वय्वस्था , दुर्जन , दुर्लभ ये सभी शब्द दुर उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
दुस् – दुष्कर , दुष्कर्म , दुस्साहस ये सभी शब्द दुस उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
नि – निवास , निषेध , निदान ये सभी शब्द नि उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।

निर् – निर्धन , निर्भय , निर्जन ये सभी शब्द नीर उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
निस् – निस्संदेह , निष्पाप , निस्संतान ये सभी शब्द निस उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
परा – पराकाष्ठा , पराजय , पराधीन ये सभी शब्द परा उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
परि – परिक्रमा , परिचय ये सभी शब्द परि उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
प्र – प्रचार , प्रभात ये सभी शब्द प्र उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।
प्रति – प्रतिदिन , प्रतिध्वनि , प्रतिशोध ये सभी शब्द प्रति उपसर्ग के प्रयोग से बने हुए है।

प्रश्न-questions इन चार विकल्पों में से किस शब्द में मूल उपसर्ग नहीं हैं-
१- अत्युत्तम
२- अतीनिद्रय
३- अहित
४- अतीव

इन चार शब्दो में से किस एक शब्द में नि उपसर्ग नहीं हैं-
१- न्याय
२- न्यून
३- निर्यात
४- निगम

अनुदित शब्द में उपसर्ग कौन-सा हैं-
१- अ
२- अनु
३- अन
४- अन

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