Hindi Kahani

Tu Chal Main Ata Hun Hindi Kahani

Duniyaa Ka Sukh Moral Story

Tu Chal Main Ata Hun Hindi Kahani एक जंगल में एक गिलहरी रहती थी. उसी जंगल में एक कौवा भी रहता था. दोनो एक ही पेड़ पर रहते थे, जिसके कारण दोनों की घनिष्ट मित्रता हो गयी थी. एक दिन गिलहरी ने कौवे से कहा की चलो हम दोनो मिलकर खेती करते है. उससे जो भी अनाज होगा उसे हम दोनो मिलकर बाँट लेंगे, इससे हमें अनाज के लिए जगह-जगह भटकना नहीं पड़ेगा और पूरे साल आराम की ज़िंदगी जियेंगे.

कौवे ने कहा ” खटिया पर बैठा हूँ….बुलबुल खिलाता हूँ…”
एक जंगल में एक गिलहरी रहती थी. उसी जंगल में एक कौवा भी रहता था. दोनो एक ही पेड़ पर रहते थे, जिसके कारण दोनों की घनिष्ट मित्रता हो गयी थी. एक दिन गिलहरी ने कौवे से कहा की चलो हम दोनो मिलकर खेती करते है. उससे जो भी अनाज होगा उसे हम दोनो मिलकर बाँट लेंगे, इससे हमें अनाज के लिए जगह-जगह भटकना नहीं पड़ेगा और पूरे साल आराम की ज़िंदगी जियेंगे.
कौवे ने कहा ” खटिया पर बैठा हूँ….बुलबुल खिलाता हूँ…तू चल मैं आता हूँ “
गिलहरी खेत की खुदाई करके आ गयी और कौवा वैसे ही बैठा रहा. दूसरे दिन गिलहरी ने कौवे से कहा कि चलो खेत की मेड़बंदी कर देते हैं. कौवे ने फिर से वही बात दुहाराई. अब गिलहरी ने अकेले ही मेड़बंदी की और कौवा बैठा ही रहा. अगले दिन गिलहरी ने कहा कि चलो बाजार से बुआई के लिए गेहूँ खरीद लाते हैं , लेकिन कौवा कहाँ हिलने वाला था उसने फिर से वही “खटिया पर बैठा हूँ…बुलबुल खिलाता हूँ..तू चल मैं आता हूँ ” का राग अलाप दिया.
Tu Chal Main Ata Hun Hindi Kahani

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गिलहरी बाज़ार गयी और बुवाई के लिए गेहूँ लेकर आ गयी लेकिन कौवा राम बैठे ही रह गये…..अगले दिन गिलहरी ने फिर से कौवे से कहा की चलो अब बुवाई कर देते हैं, लेकिन कौवे ने फिर से वही अपना पुराना राग छेड़ दिया. …बेचारी गिलहरी खुद ही खेत में गयी और बुवाई कर दी.
बुवाई करके लगभग १० दिन हो गये थे. गिलहरी ने कौवे से फिर कहा की चलो खेत मेन्न देखते हैं कि गेहूँ में अंकुर आ गये हैं कि नहीं. कौवा अपनी उसी धुन में मस्त था. गिलहरी अकेले की खेत में गयी और खेत देख वह खुशी से उछल पड़ी. उसकी मेहनत का फल उसके सामने था . उसने आकर कौवे से यह बात बताई लेकिन कौवे ने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया. कुछ दिनों के बाद अपना मित्र धर्म निभाते हुए गिलहरी ने कौए से कहा की चलो खेत में सिचाई कर देते हैं, लेकिन कौवा वही सुल्तानी राग सुना दिया.
Tu Chal Main Ata Hun Hindi Kahani

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गिलहरी खेत में गयी और सिचाई करके वापस घर आ गयी. कुछ दिन गुजरे तो ग्गिल्हारी ने कहा कि चलो खेत में खाद दे आते हैं, जिससे फसल अच्छी होगी…..लेकिन होना क्या था…फिर से वही राग कौवे ने सुना दिया…..बेचारी गिलहरी ने इस बार भी सारा काम अकेले ही किया. कुछ दिनों बाद फसल काटने लायक हो गयी. गिलहरी की मेहनत रंग लायी थी. फसल बहुत अच्छी हुई. जब गिलहरी ने कौवे से फसल काटने की बात कही तो कौवा फिर से वही बात कह दी, लेकिन गिलहरी ने हार नहीं मानी….साड़ी फसल अकेले काटी और उसकी मड़ाई कि और कौवे से कहा कि चलो बटवारा कर लो……अबकी कौवा चहककर उठा और उसने देखा कि ढेर सारा अनाज रखा हुआ था…लेकिन यह क्या उसने फिर से वही राग “बुलबुल खिलाता हु..Tu Chal Main Ata Hun Hindi Kahani  दुहरा दिया….कौवे को लगा कि गिलहरी सारा अनाज उठाकर उसके घोसले में रख दिया. लेकिन इस बार गिलहरी ने ऐसा कुछ नहीं किया….उसने अपना सारा सामान अन्दर रख लिया और कौवे का अनाज वहीँ छोड़ दिया…कुछ ही समय बाद बहुत तेज तूफ़ान आया और उसके बाद तेज बारिश. कौवे का सारा अनाज ख़राब हो गया और वह सिर्फ अपनी बरबादी का नजारा देखता रह गया. किसी ने सच ही कहा है कि जो हाथ आये मौके को छोड़ देता है ..उसे ऐसे ही पछताना पड़ता है. तो दोस्तों मेरी यह कहानी Tu Chal Main Ata Hun Hindi Kahani  कैसी लग्गी अवश्य बताएं और अन्य कहानी के लिए इस लिंक Devtaon ke Ghatak Ashtra Shashtra in hindi पर क्लिक करें.

 

 

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