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    संधि किसे कहते हैं | संधि की परिभाषा | sandhi ki paribhasha

    ByPrashant

    Apr 8, 2021 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,
    sandhi ki paribhasha
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    संधि किसे कहते हैं | संधि का अर्थ क्या होता है | संधि की परिभाषा | sandhi ki paribhasha संधि का अर्थ क्या है , संधि का शाब्दिक अर्थ मिलाप या जोड़ होता है।

    sandhi ki paribhasha
    sandhi ki paribhasha

    संधि की परिभाषा | sandhi ki paribhasha

    Sandhi ki paribhasha- दो या कई वर्णो के मेल से होने वाले विकार को संधि कहते है। , व्याख्या – संधि के शाब्दिक अर्थ से ही पता चलता है, की इसका मतलब मिलप होता है। तो यहाँ पर शब्द नहीं मिलते , वर्णो अछरो के मिलाप से जो विकार उत्त्पन होता है उसे संधि कहते है।

    संधि के उदाहरण | Sandhi ke udaharan

    कुछ उदाहरण के माध्यम से हम जानेंगे की किस प्रकार से वर्णो का मेल होता है विकार उत्तपन होता है।

    धर्म + अर्थ = धर्मार्थ
    धर्म + अर्थ = धर्मार्थ
    मुनि + इंद्र = मुनींद्र
    निशा + आगमन = निशागमन
    विदया + आलय = विद्यालय
    महा + उत्स्व = महोत्स्व
    अति + अंत = अत्यंत
    दिक् + अकबर = दिगंबर
    मनः + हर = मनोहर

    प्रश्न – question
    किन्ही दो शब्दो के मेल होने वाला विकार को हम क्या कहते हैं –
    १- समास
    २- प्रत्यय
    ३- उपसर्ग
    ४- संधि

    संधि कुल कितने प्रकार के हैं-
    १- ४
    २- ३
    ३- २
    ४- १

    दयानन्द में प्रयुक्त संधि का क्या नाम हैं –
    १- गुण संधि
    २- दीर्घ संधि
    ३- व्यंजन संधि
    ४- यण संधि

    संधि कितने प्रकार के होते है | संधि के प्रकार |sandhi ke prakar

    संधि तीन प्रकार के होते है।
    १- स्वर संधि – स्वर संधि में स्वर वर्णो का मेल होता है अथार्थ – धन या प्लस का निसान है इसने पहले भी स्वर होना चाहिए और उसके बाद भी स्वर होना चाहिए।
    २- व्यंजन संधि – व्यंजन संधि में किसी व्यंजन के बाद स्वर आये या व्यंजन आये तो व्यंजन संधि होता है।
    ३- विसर्ग संधि – विसर्ग संधि में विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आता है। तो भी विसर्ग संधि होता है।

    NOTE – अब हम ये जाएँगे की कैसे धर्म + अर्थ = धर्मार्थ बन गया। अगर आप ध्यान देंगे तो धर्म को बोलने पर जो आखरी ध्वनि निकलती है , तो वो अ है और अर्थ को बोलते समय सबसे पहले जो ध्वनि निकलती है वो है अ तो दोनों में स्वर आरहा है। इसके बारे में पूरा जनन्ने के लिए स्वर संधि पढ़ना पड़ेगा। पहले शब्द का अंतिम जो ध्वनि या अंतिम शब्द होती है उस ध्वनि को निकल लिया जाता है। और दूसरा या बाद में आया हुआ शब्द है पहला ध्वनि या पहले शब्द को निकल लिया जाता है। पहले शब्द की अंतिम ध्वनि और दूसरे शब्द की पहली ध्वनि मिलाई जाती है। इन्ही दोनों का मेल होता है।

    प्रश्न – question
    कपीश शब्द में कौन-सा संधि हैं –
    १- वृद्धि संधि
    २- दीर्घ संधि
    ३- विसर्ग संधि
    ४- यण संधि

    सदैव शब्द में कौन-सा संधि हैं –
    १- व्यंजन संधि
    २- स्वर संधि
    ३- विसर्ग संधि
    ४- या कोई नहीं

    इन चारो विकल्प में से कौन-सा स्वर संधि का उदाहरण हैं-
    १- पवन
    २- मनोहर
    ३- संयोग
    ४- नमस्कार

    प्रश्न – question
    इन चारो विकल्प में से कौन-सा दीर्घ संधि युक्ति पद कौन-सा हैं –
    १- महर्षि
    २- देवेंद्र
    ३- सूर्योदय
    ४- दैत्यारि

    पवित्र शब्द में कौन-सा संधि हैं –
    १- यण संधि
    २- गुण संधि
    ३- वृद्धि संधि
    ४- अयादि संधि

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