• December 23, 2021
Ras Ka Sthayi Bhav kya hai

Ras Ka Sthayi Bhav kya hai | sthayi bhav ki paribhasha

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रस का स्थायी भाव क्या है रस का स्थायी क्या होता है

Ras Ka Sthayi Bhav kya hai
Ras Ka Sthayi Bhav kya hai

Ras Ka Sthayi Bhav जो भाव हमारे हृदय में सदैव स्थायी रूप से विधमान होते है तथा जो चिरकाल तक रहने वाले अथार्त स्थिर और प्रबल होते है , उन्हें स्थायी भाव कहते है। कहने का मतलब कोई भाव जो हमारे मन में परमानेंट ठीके रहते है और एक ही जगह पर रहते ये कभी इधर उधर नहीं होते है

Sthayi bhav ke udaharan | स्थायी भाव के उदहारण

यही उन्हें ही स्थायी भाव होते है। और ये भाव हर किसी के अंदर होता है क्यों की आप प्रेम भी करते है गुस्सा भी करते है और किसी चीज को लेकर उत्साहित भी हो जाते है , और डर का भाव भी हमारे अंदर होता है , घृणा का भाव और नफरत का भाव भी रहता है। ये जितबे भी भाव है ये स्थायी भाव कहलाते है। क्यों की ये बाव हमारे अंदर होते ही होते है।

Ras Ke Kitne Bhav Hote Hain | रस के कितने भाव होते हैं

इनकी की संख्या भरत मुनि ने ९ मानी है। ये भाव हमारे ह्रदय में बीज रूप छिपे होते है। परन्तु किसी व्यक्ति स्थान समय या परिस्तिथि को देखकर प्रकट हो जाते है। जैसे –

स्थायी भाव – रस – श्रृंगार – १- संयोग रस २- वियोग

स्थायी भाव, रस और भाव

श्रृंगार रसरति
हास्य रसहास
रौद्र रसक्रोध
करुण रसशोक
वीर रसउत्साह
अद्भुत रसआश्चर्य
वीभत्स रसघृणा, जुगुप्सा
भयानक रसभय
शांत रसनिर्वेद
वात्सल्य रसवत्सल
भक्ति रसभक्त, देव रति
Ras Ka Sthayi Bhav kya hai

रति ( प्रेम ) | Rati bhav

रति प्रेम से श्रृंगार रस की उत्तपत्ति कैसे हुई , प्रेम जीवन का आधार है , ये संसार प्रेम के आधार पर ही चलता है। प्रेम सबके भीतर होता है , लेकिन रति प्रेम स्त्री और पुरुष के बीच की बात कर रहा है। स्त्री और पुरुष का जो आकर्षण है , वो श्रृंगार रस में परिवर्तित होता है। यानि की श्रृंगार रस का जो आधार है , वो स्त्री और पुरुष के आकर्षण और प्रेम का जिसमे सुखद और दुखद दोनों अनुभूतिया होती है।

जैसे की -एक फिल्म है ,जिसमे हीरोइन और हीरो एक दूसरे को पहली बार देखते है , उन दोनों के मन में प्रेम उत्पन्न होता है , तो फिल्म में जब हीरो और हीरोइन एक दूसरे से जब प्रेम करते है , या प्रेम की भावना उत्पन्न होती है तो वो इस तरिके से दिखाया जाता है , जैसे संगीत बज रहा है बारिश हो रही है , तो ये सब जो दृश्य दिखाया जाता है जैसे उन दोनों के बीच रति का भाव उत्त्पन्न हो रहा है। तो जब हम भी ऐसी दृश्य देखते है ,तो अपने आप प्रेम का भाव उभरने लगता है तो उस दृश्य को देख कर हम भी उसी आंनद का अनुभव करते है , जो वो हीरोइन और हीरो कर रहे है।

संयोग श्रृंगार रस |sanyog shringar ras

संयोग श्रृंगार रस – जब प्रेमी और प्रेमिका या महिला और पुरुष में प्यार होता है , तो जो छुप छुप कर मिलना और गीत गाना और भी बहोत कुछ तो ये संयोग श्रृंगार रस बन गया। क्युकी की संयोग का अर्थ होता है , मिलना जहा प्रेमी और प्रेमिका का मिलान होता है , उसे संयोग कहते है।

वियोग श्रृंगार रस |viyog shringar ras

वियोग श्रृंगार रस – जब प्रेमी पर प्रेमिका किसी कारण एक दूसरे से अलग हो जाते है , या प्रेमिका के माँ बाप या फिर प्रेमी के माँ बाप उन दोनों को एक दूसरे से अलग कर देते है , तो प्रेमी और प्रेमिका मिलने को बेचैन होते है , एक दूसरे के बिना रह नहीं पाते तो इसे वियोग श्रृंगार रस कहते है। क्युकी जब एक दूसरे से अलग होते है , तो ये दोनों वियोग में रहते है , तो यहाँ वियोग श्रृंगार रस उत्त्पन होता है।

हास भाव | Has bhav

हास ( हंसना ) – किसी भी फिल्म में एक किरदार किसी कॉमेडियन का होता है , जो हम को हँसाने का काम करता है , उस कॉमेडियन का चल ढाल , बात करने का तरीका , मिलने का तरीका इस तरह से होता है , की हमको हसी आजाती है। तो इस तरह की उत्पत्ति से हास्य रस की उत्पत्ति होती है।

उत्साह भाव | Utsah Bhav

उत्साह ( जोश ) – जोश जहा भी होता है , वह वीर रस की उत्पत्ति होती है , जब हम कोई फिल्म देखते है , की बहुत सरे जवान लड़ रहे है , बॉर्डर पर की उनको गोली लगने के बाद भी वो उसी जोश से लड़ते है , अपने देश के लिए , तो उसको देख कर हमारे अंदर भी जोश उत्पन्न होता है , तो इसी जोश को वीर रस कहा जाता है।

क्रोध भाव | krodh bhav

क्रोध ( गुस्सा ) – क्रोध या गुस्सा फिल्मो में हम देखते है , की हीरो दुश्मनो से लड़ रहा और फिर कुछ गुंडे आये हीरो के परिवार वालो को परेशान करने लगे तो हीरो को और गुस्सा आता है। तो इस गुस्से को या क्रोध को रौद्र रस कहा जाता है।

शोक भाव |Shok Bhav

शोक ( दुःख ) – शोक से करुण रस की निष्पत्ति होती है , जब फिल्म में हीरो गुंडों से लड़ाई करता है , तो कुछ गुंडे आकर उनके परेशान करने लगता है , तो हीरो गुस्से में और सबको मारने लगता है , तो उसी बीच कोई गुंडा हीरो की माँ को गोली मार देता है , जिससे हीरो की माँ मार जाती है , तो हीरो शोक करने लगता है , या उसे दुःख का अनुभव होने लगता है , तो जहा ये दुःख एक भाव होता है , वो करुण रस में परिवर्तित हो जाता है।

भय भाव | Bhay Bhav

भय ( डर ) – जब फिल्म में गुंडे से हीरो की लड़ाई होती है , तो गुंडे हीरो के परिवार वालो के परेशान करता है तो हीरो को डर होता है की कही उनस के परिवार को कुछ नुकसान न पंहुचा दे तो भयानक रस ये होता है ,डर भय तो ये भयानक रस होता है।

जुगुप्सा का भाव | Jugupsa Bhav

जुगुप्सा का भाव ( घृणा ) – जुगुप्सा का भाव तब होता है , जब आप के आस पास गन्दी होती , बुराइया होती है , तो आप को घृणा होती है उस चीज से या फिर नफरत का भाव उत्त्पन होता है तो जब ये जुगुप्सा का भाव उत्पन्न होता है , तो फिर उस बीच वीभत्स रस का अनुभूति का भाव होता है।

विस्मय का भाव | Vismay Bhav

विस्मय का भाव ( हैरानी , आश्चर्य ) – जब आप चीज अचानक सा देखते है , तो आप को उस चीज को देखकर हैरानी होती है ,तो उस हैरान
कर देने वाली चीज जहा हमारी विस्मय का भाव होता है , तो विस्मय के भाव से उत्पन्न होता है , अद्भुत रस

निर्वेद भाव | Nirved Bhav

निर्वेद ( वैराग्य ) – निर्वेद का मतलब जो सांसारिक चीजों से परे हो जाते है , जो संसार के मोह माया को त्याग देते है , वैराग्य का जीवन धारण कर लेते है , तो उस निर्वेद के भाव से शांत रस की उत्पति होती है।

तो ये थे 9 रस जिनको भरतमुनि ने बताया है 9 भाव और 9 रस के बारे में बताया।

कुल भाव की संख्या 9
१- रति
२- हास्य
३- उत्साह
४- क्रोध
५- शोक
६- भय
७- जुगुप्सा
८- विस्मय
९- निर्वेद

और इन 9 भावो से 9 रसो की उतप्ति हुई

भारत मुनि के बाद कुछ विद्वानों ने 2 और भाव और रस के बारे में बताया
१- संतान विषयक रति वात्सल्य रस
२- ईश्वर विषयक रति भक्ति रस

Ras ke kitne ang hote hain

रस के कुल 4 अंग होते है

  • स्थायी भाव
  • विभाव
  • अनुभाव
  • संचारी/व्यभिचारी भाव

रस क्या होता है पूरा पढ़े
रस कितने प्र्कार के होते है पूरा पढ़े
१- श्रृंगार रस के बारे में पूरा पढ़े
२- हास्य रस के बारे में पूरा पढ़े कई
३- करुण रस के बारे में पूरा पढ़े
४- रौंद रस के बारे में पूरा पढ़े
५- वीभस्त रस के बारे में पूरा पढ़े
६- भयानक रस के बारे में पूरा पढ़े
७- अद्भुत रस के बारे में पूरा पढ़े
८- वीर रस के बारे में पूरा पढ़े
९- शांत रस के बारे में पूरा पढ़े
१- वातसल्य रस, के बारे में पूरा पढ़े
२- भक्ति रस के बारे में पूरा पढ़े

Ras Ka Sthayi Bhav kya hai


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