Bharatiya Tyohar

Rakshabandhan ki kahani

Rakshabandhan ki kahani  हेलो दोस्तों , मैं आज आपको Rakshabandhan  पर हिंदी कहानी बता रहा हूँ.

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Rakshabandhan

Rakshabandhan

सूरज अपने आफिस में बैठा उहा था कि त्रिंग..त्रिंग की आवाज़ के साथ उसका फोन बजा.
सूरज- हेलो कौन
मैं रश्मि बोल रही हूँ..उधर से आवाज आई
हाँ….रश्मि बोलो….क्या हाल है…सब बढ़िया है ना…सूरज खुश होते हुए बोला
हाँ..भैया..सब बढियाँ है..वहाँ भी सब बढ़िया है ना…मैं कह रही थी कि मैं आज आ रही हूँ… क्योकि परसों रक्षाबन्धन है..दो दिन अम्मा के साथ बिताना चाहती हूँ.
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हां क्यों नहीं..अरे तुम्हारा ही घर है….मै अभी आफिस में हूँ..आधे घंटे में घर पहुँच जाऊंगा..सूरज ने कहा
ठीक है भैया….फोन रखती हूँ…कह कर रश्मि ने फोन रख दिया
 इधर सूरज पुरानी यादों में खो गया….रश्मि एकदम छोटी थी तभी उसके मां-बाप मर गये थे. सूरज के पिता जीवनलाल और मां रामा देवी ने रश्मि का लालन-पालन किया. सूरज को भी एक बहन मिल गयी. रश्मि जीवनलाल के दोस्त की लड़की है. मरते समय रश्मि के पिता ने अपनी सारी जयदाद जीवनलाल के नाम कर दी थी और यह वचन लिया कि रश्मि को कभी भी मां-बाप की कमी नही खलनी चाहिए. जीवनलाल ने इस कर्तव्य का भली भाँति निर्वाह किया था.

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 आज वही रश्मि आ रही थी. बचपन में सूरज और रश्मि का खूब झगड़ा वग़ैरह होता था, यह सब बातें सूरज के आंखों के सामने किसी चलचित्र की भांति घूम रहा था.
सूरज बाकी सब काम निबटाकर घर आया और घर में घुसते ही अपनी अम्मा को आवाज़ लगाई और बड़े उत्साह से पूछा कि रश्मि आई है.
नही…वह तो परसों आने वाली है….रक्षाबन्धन की दिन..क्यों..क्या हो गया? उसकी मां ने कहा
अरे मां झूठ क्यों बोल रही हो..बाहर तो रश्मि की गाड़ी खड़ी है…उसने आज ही फ़ोन किया कि वह आ रही है और दो दिन अम्मा के साथ रहना चाहती है..सूरज ने परेशान होते हुए कहा
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इतने में रश्मि निकलते हुए बोली जो वहीं पास में छुपी हुई थी ..उसने कहा कि मैने ही मां को माना कर रखा था….मैं देखना चाहती थी कि हमारे भाई के मन में हमारे लिए कितना प्यार है और मुझे पता चल गया कि मेरा भाईपहले जैसा ही है.
राखी के दिन सूरज पूरे उल्लास के साथ राखी बंधाने के लिए तैयार हुआ…रश्मि ने उसे रखी बाँधी….उसके बाद सूरज ने कहा कि तुम्हें उफर में क्या चाहिए.
मुझे कुछ नहीं चाहिए..बस सदा सर्वदा अपने भाई का प्यार चाहिए…..रश्मि ने कहा
और इस तरह रश्मि और सूरज ने पूरे हर्ष और उल्लास से Rakshabandhan का त्योहार मनाया.

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