Suspense Story

Pagdandi Ek Suspennse Kahani

Pagdandi Ek Suspennse Kahani हेलो दोस्तों ….यह Hindi Best Story कि Suspense Kahaniहै .मुझे उम्मीद  है कि आपको यह  Pagdandi Ek Suspennse Kahani अवश्य पसंद आयेगी.
राहुल उसी रास्ते से जा रहा था,जिस पर से वह राेज जाया करता था. वह बहुत ही गरीब था लेकिन था हरफनमौला.  वह हमेशा सबके सुख-दुख में काम आता था. Pagdandi Ek Suspennse Kahani शायद आज नसीब उस पर मेहरबान थी… वह PAGDANDI के रास्ते से जा रहा कि किसी चीज के पैर में चुने की वजह से वह उछल उठा. उसने देखा कि वह चीज मिट्टी में सनी हाेने के बावजूद चमक रही थी. उसने उसे उठाया और उसे घर के एक काेने में रख दिया. 15 दिन बाद उसी रास्ते पर एक थाेडा बड़ा सा पत्थर, यह दूर से ही चमक रहा था. आश्चर्य की बात यह थी कि उसी रास्ते से जानेवाले अन्य लाेगाें काे वह पत्थर नहीं दिखा.
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Pagdandi Ek Suspennse Kahani

अब राहुल आश्चर्य चकित हाेकर उस चमकीले पत्थर के पास पहुंचा, तभी उस पत्थर में से एक आवाज़ आयी…. इस पत्थर काे अपने घर ले जाओ… यह सिर्फ तुम्हारे लिये है… तुम्हारी किस्मत बदलने वाली है…. राहुल चाैंका, लेकिन हिम्मत करके उस पत्थर काे उठा लिया और घर लाकर उसे पहले वाले टुकड़े के साथ रख दिया.
रात ताे सब लाेग साेये हुये थे कि अचानक से राहुल का मां “लखिया” का नींद खुल गयी,उन्हाेने देखा कि जिस घर में राहुल ने पत्थर रखा हुआ उसमें से सात रंग की राेशनी निकल रही थी. यह देखकर वह चाैंकते हुये राहुल के पिता “रघुराम” राे जगाया और सारी बात तेजी से बताते हुये कहा कि लगता है घर में चाेर घुस आये हैं.
अरे साे जा… हमारे घर मे काैन सा “माेती” है जो चाेर आयेंगे…साे जा यह तेरा वहम है… रघुराम नींद में उंघते हुये बाेले.
उनके इस वार्तालाप से राहुल की भी नीद खुल गयी…वह उठ बैठा… उसकी मां ने उसे सारी बातें बतायीं.राहुल ने कहा ठीक है चल कर देखते है और एक माेटा डंडा लेकर उस तरफ चल दिया, जिस घर में से वह राेशनी आ रही थी.

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राहुल ने हल्के से दरवाजा खाेला और देखा कि वह राेशनी उसी पत्थर से आ रही थी…जिसके आगे लालटेन का उजाला एकदम से गाैण हाे गया.
अब ताे लखिया काे यह समझते देर नहीं लगी कि यह काेई साधारण पत्थर नहीं है. उसके बाद दाेनाे जाकर साे गये…. लेकिन उनकी आंखाें में नीद कहां…. सुबह हाेते ही लखिया ने राहुल से कहा कि तुम इस छाेटे पत्थर काे “तीरथ लाला जाैहरी” काे दिखा दाे…. देखाे वह क्या बताता है.
राहुल टुकड़े काे लेकर जौहरी के पास गया…. जौहरी ने टुकड़े काे देखते ही पहचान लिया कि यह शुद्ध हीरा है…लेकिन उसने बहाना बनाते हुये कहा कि यह काेई खास पत्थर नहीं है… मैं इसका 500 रुपये दे सकता हूं.
राहुल ने कुछ नहीं कहा… उस पत्थर काे लेकर वह “अमीर चन्द्र ” नामक जौहरी के पास गया… उसने कहा कि मैं इस पत्थर का 1 लाख दूंगा…. अब ताे राहुल आश्चर्य चकित रह गया….वह टुकड़े काे लेकर घर की ओर चल दिया.
रास्ते में तीरथ लाला जौहरी मिल गये और उसने राहुल से पूछा तुमने वह पत्थर का क्या किया
तुम जिस पत्थर का मात्र 500 रुपये दे रहे थे… उसी का अमीर चन्द्र 1 लाख रुपये दे रहा है…. लेकिन अब मैं समझ गया हूं… यह काेई साधारण पत्थर नही है… आप लाेग मुझे मुर्ख बना रहे हैं…. यह कह कर राहुल तेजी से वहां से निकल गया.
अब तीरथ लाला जौहरी परेशान हाेने लगा. वह किसी तरह से वह टुकड़ा हासिल करना चाहता था. उसने तुरन्त सलीम खान काे फाेन किया…जाे कि उस इलाके का एक नामी गुंडा था. तीरथ लाला ने उसे सारी बात बतायी और कहा कि अगर वह उस पत्थर काे ला देता है ताे वह उसे उस पत्थर की कीमत में हिस्सेदार बना देगा.
ठीक है…. काम हाे जायेगा लाला…. टेन्शन नही लेने का…. सलीम ने कहा
सलीम ने तुरन्त अपनी गाड़ी निकाली और उस तरफ निकला जिधर राहुल गया था….राहुल अभी उसी PAGDANDI पर पहुंचा था जहां वह पत्थर मिला था….तब तक सलीम भी वहां पहुंच गया.
क्याें बे बहुत चालाक बनता है… वह पत्थर मुझे अभी दे दो… नहीं ताे तेरी खैर नहीं… राहुल ने पीछे मुड़कर देखा तो सलीम खान हाथ में चाकू लेकर खड़ा था.
अब राहुल डर गया….उसे मामले काे समझते देर नहीं लगी… उसने चुपचाप वह पत्थर सलीम काे दे दिया और वह दुखी मन से वापस घर आ गया और यह सारी बात अपनी मां काे बतायी.
इधर सलीम बहुत खुश हाे गया और उस पत्थर काे एक थैले में रखकर तीरथ लाला के पास आया और ऊंची आवाज में कहा… लाला ये ले… मैं पत्थर लेकर आ गया.
क्या… कहां है पत्थर…. लाला खुशी से उछलते बाेला.
यहां…. यह कहते हुये उसने थैले में हाथ डाला…. लेकिन यह क्या पत्थर ताे सांप बन गया था…. उसने तेजी से अपना हाथ थैले में से निकाल लिया… सांप भी बाहर निकल गया….. सलीम ने तेजी से थैले काे फेक दिया…. अब क्या… जैसे ही वह थैला नीचे गिरा….वह सांप फिर से हीरा बन गया… ऐसा कई बार हुआ…इससे दाेनाे डर गये… उन्हाेने वहां से बाहर निकलना ही मुनासिब समझा….
लेकिन यह क्या…. अब ताे चाराे तरफ नाग ही नाग नजर आने लगे….यह देख दाेनाे बेहद ही घबरा गये… और माफी मांगने लगे…तभी एक आवाज़ गूंजी… अगर माफी ही मांगनी ताे जाकर राहुल से मांग… उसकी मां… उसके पिता से मांग…. क्या मंजूर है…
ठीक है… ठीक है… अभी हम जाते है…. लेकिन हम जाये कैसे… यहां ताे चाराे तरफ नाग ही नाग है.
रास्ता मिल जायेगा…. लेकिन तुम्हारे पीछे दाे नाग रहेंगे… अगर कहीं काेई गड़बड़ की ताे वही मारे जावाेगे.
नही… नही.. हम काेई गड़बड़ी नहीं करेंगे…. दाेनाे गिड़गिड़ाते हुये बाेले.
अचानक से रास्ता खुल जाता…. दाेनाे तेजी से राहुल के घर की तरफ भीगे.. उनके पीछे-पीछे नाग भी भीगे…. दाेनाे खेत.. क्यारियाें और PAGDANDIYON से गिरते पड़ते राहुल के घर पहुंचे…. और राहुल के पैराें पर गिरकर मांफी मांगने लगे….
तभी फिर वही आवाज गूंजी…. राहुल यह हीरा तुम्हारा है… यह तुम्हारी किस्मत बदल देगा…. लेकिन याद रहे इसका इस्तेमाल हमेशा ही सही जगह करना…. कभी भी काेई गलत काम मत करना…. इस तरह से हीरा राहुल काे मिल गया और उसकी जिन्दगी खुशहाल हाे गयी…. उसने हमेशा ही गरीबाे की भलाई की.
दोस्तों यह Pagdandi Ek Suspennse Kahani आपको कैसी लगी, कमेन्ट करके बताएं.

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