Kahani or Upanyas me antar

कहानी और उपन्यास में अंतर | Kahani or Upanyas me antar

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कहानी और उपन्यास में अंतर |Kahani or Upanyas me antar
Kahani or Upanyas me antar इस लेख में आप को कहानी और उपन्यास में अंतर क्या क्या है, 7 तरह के अंतर देखंगे है, उपन्यास और कहानी के बीच

Kahani or Upanyas me antar
Kahani or Upanyas me antar

उपन्यास | Upanyas

१- उपन्यास में समूर्ण जीवन का चित्रण होता है।
२- उपन्यास में एक मुख्य कथा के साथ अन्य प्रांसगिक कथाएँ भी जुडी होती है।
३- उपन्यास का आकर दीर्घ या बड़ा होता है।
४- उपन्यास में जीवन की काल्पनिक कथाएँ भी होती है।
५- उपन्यास को एक बैठक में नहीं पढ़ा जा सकता है। या एक बार में नहीं पढ़ा जा सकता है।
६- उपन्यास में प्रत्येक स्थल में प्रभावशाली नहीं होते है।
७- उपन्यासकार के लिए विवरणपूर्ण विषक्त और व्याख्यापूर्ण बोली आवश्यक है।
उदाहरण – गोदान – प्रेमचंद , मैला आँचल – रेणु

कहानी | Kahani

१- कहानी में जीवन के किसी एक खंड या घटना का चित्रण होता है।
२- कहानी में केवल एक ही मुख्य कथा होती है।
३- कहानी का आकर लघु होता है।
४- कहानी में जीवन की वास्तविक कथा होती है।
५- कहानी को एक बैठक में पढ़ा जा सकता है। या एक बार में पढ़ा जा सकता है।
६- कहानी समय में सघन प्रभाव डालती है।
७- कहानी कर के लिए संछिप्तता संकेतमकता आवश्यक है।
उदहारण – नीरा – जयशंकर प्रसाद, स्नेह बंध – मालती जोशी

कहानी फूटा घड़ा | Kids Hindi Story Futa Ghada

एक गांव में एक किसान था जिसका नाम मोहन था, मोहन के पास छोटी सी जमीन थी जिसपर वह खेती करता था , और मोहन के पास दो मिटटी के घड़े थे। उसी दोनों घड़े में मोहन हर रोज अपने घर के लिए पानी लेकर आता था , लेकिन उसमे से एक घड़ा थोड़ा सा फूट चूका था , जब मोहन नदी से पानी लेकर आता था तो फूटे हुए घड़े में सिर्फ आधा घड़ा पानी रहता था , और दूसरे घड़े में पूरा पानी रहता था , इस वजह से फूटा हुआ घड़ा बहुत शर्मिंदा रहता था।

लेकिन वही जो घड़ा बिलकुल ठीक था उसके अपने ऊपर बहुत घमंड था। और अच्छा वाला घड़ा फूटे घड़े को बोलता है की तुम मालिक का मेहनत बेकार कर देते हो। मोहन दोनों की बाते सुन रहा था , मोहन ने अच्छे वाले घड़े से बोलै की तुम सिर्फ उसकी बुराई देख रहे हो , लेकिन मैं उसकी हमेशा अच्छे देखते आया हूँ , तो अच्छा वाला घड़ा पूछा है की कौन सी अच्छाई तो मोहन बताता है , की जब हर रोज नदी से घर आते समय तुम्हारा पानी गिरता है तो उस पानी से वह फूलो को उगने में मदद मिलती है। तो फूटा हुआ घड़ा पूछा की उससे आप का क्या फायदा हुआ , तो मोहन बताता है की मैं उन फूलो को बाजार में बेच कर अच्छे पैसे कमाता हूँ। तो तुम आज के बाद अपने आप को बेकार मत समझना।

इस कहानी से सीख
हमको कभी की किसी के हुनर का मजाक नहीं बनाना चाहिए , बल्कि उसकी और अच्छाई ढुढनी चाहिए और उसे निखारना चाहिए।

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