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ISO Kya Hai | ISO क्या है? ISO के फायदे

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ISO Kya Hai ISO क्या हैं , ISO का काम क्या होता है , ISO कितने प्रकार के होते है , और ISO के फायदे क्या है। ISO इतना क्यों जरुरी हैं , तो इस लेख में हम इस सब के बारे में पढ़ेंगे और समझेंगे , की ISO है हिंदी में मतलब क्या होता है , और ISO का full form क्या हैं। ISO शब्द लोग कही कही न सुने जरूर होंगे।

iso Certification kya hai | ISO Kya Hai

ISO full form – International Organization for Standardization (इंटरनैशनल ऑर्गनाइज़ेशन फॉर स्टैंडर्डाइज़ेशन) जब भी आप कही अच्छी जगह जाते हैं और कोई अच्छा सा सामान ya Product लेते हैं या फिर जब हम किसी center में जाते हैं किसी Course के लिए दाखिला लेने के लिए तो उस सेंटर की तरफ से हमको बताया जाता है, की हमरी सेंटर ISO Certification वाली सेंटर हैं , और आप को उस संस्था के लोग कुछ Certificate दिखाएंगे।

और फिर वह संस्था के लोग आप को बताएंगे अपनी संस्था के बारे बातएंगे और साथ में ISO के विषय में भी बताएँगे, और अगर आप संस्था वालो से पूछेंगे की ISO क्या होता हैं, तो संस्था के वालो आप को बताएँगे की हमारी संस्था भारत सरकार के द्वारा सर्वे हुआ है, और यह ISO Certificate मिला हैं की हमारी संस्था सबसे अच्छी हैं।

लेकिन सभी के मन ISO को लेकर बहुत सी उलझने रहती है , ISO के बारे गलत बता कर बहुत से लोग गलत फायदा उठा लेते हैं। ISO एक तरह का Quality Management System हैं , ISO जो कंपनी या सिस्टम या फिर किसी प्रोडक्ट का Quality management कराती हैं। ISO एजुकेशन संस्था को एक अच्छा Management system देती हैं। ISO एक Independent non-government Organization हैं ISO कोई गवर्नमेंट की संस्था नहीं है न ही भारत सरकार और न ही राज्य सरकार के तरफ से यह संस्था चलाई गई हैं।

ISO Ke fayde | ISO के फायदे

ये सिर्फ Registered organization है। अगर आप को ISO का Certificate लेना हैं तो आप को सरकार के पास जाने की जरूरत नहीं हैं , ISO का Membership162 country के पास हैं jisme ek bharat bhi hai, अगर आप को ISO Certificate लेना है तो आप को इन 162 मेंबर में से किसी एक से आप को ISO Certificate लेना होगा। ISO के मुख्यतः तीन भाषा है , English, French, Russian, ISO का अगर आप के company को Certificate प्राप्त होता है तो आप ka product एक अच्छी गुणवत्ता वाली प्रोडक्ट हैं ,

और आप का प्रोडक्ट अंतर्राष्टीय लेवल पर आप का प्रोडक्ट अच्छी quality का मन जायेगा। अगर आप के ग्राहकों को अगर ये यकीन हो जायेगा की आप के कंपनी का प्रोडक्ट अच्छी क्वालिटी का तो आप हर जगह Customer बढ़ेंगे और जितने ज्यादा आप के Customer बढ़ेंगे उतना ही आप के कंपनी का नाम होगा और आप को प्रॉफिट तो होगा ही ,

जब आप के कंपनी का नाम होगा तो आप अपने कंपनी एक कई ब्रांच खोलेंगे कई जगहों पे और जब आप कई जगहों पर अपना ब्रांच खोलेंगे तो आप के माध्यम से कई लोगो को जॉब भी मिलेगा तो अगर आप के कंपनी के ISO Certified है तो आप की कंपनी एक अच्छी कंपनी होगी। और भारत में सबसे ज्यादा प्रचिलित जो ISO है वह ISO 9001 : 2008 हैं।

ISO 9001 : 2008

ISO Certified लेना जरुरी होता है , इससे लोगो का Trust बढ़ता हैं , और लोग उस कंपनी या इंस्टिट्यूट पर भरोसा करते हैं जिन के पास ISO Certificate होता हैं। समय बदल चूका है अगर आप को अपना एक और अपने कंपनी या इंस्टिट्यूट का एक अच्छा वैल्यू बनान है तो आप को ISO Certificate जरूर ले लेना चाहिए, ताकि लोगो का भरोसा आप और आप के कंपनी या इंस्टिट्यूट पर बना रहे। और अब हर किसी को International level तक का सामान चाहिए।

क्युकी जो चीज आप कर रहे हो या बेच रहे हो बाकि के लोग भी वही कर रहे है तो आप को उन से बेहतर करना पड़ेगा ताकि आप उनके बीट कर पाओ तो ISO के बहुत स फायदे है। और आप को अपने ग्राहकों ये समझाना पड़ता है की हमारा प्रोडक्ट बेस्ट क्वालिटी का हैं और हमारे कंपनी के पास ISO सरीफिकेट हैं और जिन ग्राहकों को ये नहीं पता की ISO क्या होता हैं तो उनको ISO के बारे में समझाओ तभी उन ग्राहकों का विश्वाश बना रहेगा।

ISO 31000 risk management
ISO 9000 quality management
ISO 9001 requirement fulfillment
ISO 26000 social responsible
ISO 14000 invorment management
ISO 3166 country codes
ISO 50001 energy management

अगर आप कही दिखे ISO 9001 : 2008 certified company इसका मतलब ये हुआ की ये जो कंपनी हैं ये स्टेन्डरिड ऑर्गनाजातिओं हैं जो की 9001 series की और 9001 की जो series है वह सिर्फ ISO 9001 requirement fulfillment करने का काम करती है। जिस series का ISO नंबर का certified होगा और उस series का जो work होगा वह कंपनी वही काम करेगी। और 2008 दिया है

वह 2008 के नियम के तहत बना हैं जैसे हम मन लेते है की हमारी कोई एक इंस्टिट्यूट है , और 2008 के मुताबित इस इंस्टिट्यूट में 5 ट्रेड होने चाहिए तो अगर वह इंस्टिट्यूट ISO 9001 : 2008 का certified लगाया है तो उसके वह 5 ट्रेड होंगे। और अगर वही ISO 9001 : 2018 होता तो अगर 2018 के तहत कोई भी इंस्टुटें में 7 ट्रेड होने चाहिए तो जो भी इंस्टिट्यूट इस certified को लगाएगी तो 2018 के रूल के अनुसार उसके पास 7 ट्रेड होंगे।

ISO सर्टिफिकेट लेने का प्रोसेस

१- पैन कार्ड
२- आधार कार्ड या वोटर id कार्ड
३- पासपोर्ट साइज फोटो
४- रेंट एग्रीमेंट
५- partnership deep / LLP deep


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