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Baahon ka haar Hindi Love Story

Baahon ka haar Hindi Love Story

Baahon ka haar Hindi Love Story दोस्तों मैं अनीता आज अपने प्यार की सच्ची कहानी को आप लोगों के बीच रख रही हूँ. मैं हमेशा चाहती थी कि मेरा पति एक आदर्श पति हो, जिम्मेदार हो, मेरी हर ख्वाहिस को पूरी करे. प्यार के मामले में बिलकुल सच्चा हो और यह सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि हर लड़की की सोच होती है. कोई भी लड़की यह कभी भी नहीं चाहेगी कि उसका पति निकम्मा हो. मैं भी उन्हीं में से एक  थी और मैं भगवान  की  शुक्रगुजार हूँ कि उन्होने मेरी बात सुन ली और मुझे एक अच्छा और सच्चा पति मिला. जो मुझे बेहद प्यार करते हैं. मेरी हर सुबह उनकी मुस्कान के साथ होती है.

 

मैं आज भी उस पल को याद करते हुए प्यार के गहरे सागर में डूब जाती हूँ , जब मैं उनसे पहली बार मिली. मैं और मेरी सहेली एक बस में यात्रा कर रहे थे. ट्रेन में बहुत भीड़ थी. मैं बीच में फंसी हुई थी.जैसे ही मेरी सहेली ने  धूप से बचने के लिए खिड़की बंद की. वैसे ही वो मेरे तरफ देखकर मुस्कुराया…..वैसे तो मैं अनजान लोगों की तरफ देखना भी पसंद नहीं करती  हूँ, लेकिन उसकी  उस मुस्कान में ना जाने क्या आकर्षण था कि मैंने भी मुस्कुरा दिया.

 

Baahon ka haar Hindi Love Story

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इसके बाद बातों का सिलसिला शुरू हो गया और कुछ ही समय में हम घुल मिल गए.  कुछ देर में हमारा स्टॉप आ गया. मैंने उसे बाय कहा….फोन नम्बर्स का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका था. बस से उतरते ही मेरी सहेली ने इठलाते हुए  कहा ” क्या बात है अनीता जी….अरे उस बस में तो हम भी थे…हमसे तो ना बातें हुई…सारी बातें तो उन मिस्टर से ही हो गयीं ”

 

यह बात मुझे लग गयी. मैंने भी सोच लिया कि मैं उन्हें फोन नहीं करुँगी…..तीन दिन बाद उनका फोन आया…..लेकिन वे तीन दिन ३०० साल के बराबर थे….हर पर मेरी निगाह मोबाइल पर ही रहती थी. कोई भी फोन आने पर मैं झट से फोन देखती कि कहीं उनका ही तो नहीं है. खैर फोन पर सारे गिले सिकवे दूर हो गए…..अब तो फोन का आना-जाना शुरू हो गया….मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि यूँ ही सफ़र के दौरान इतने अच्छे इंसान से मुलाक़ात हो जायेगी.

Baahon ka haar Hindi Love Story

Baahon ka haar

 

ओ अक्सर मुझसे कहता है कि तुमको तो भरा पूरा परिवार मिला था लेकिन मुझे  ज़िन्दगी ने  कभी अपनी  ख़ुशी की रोशनी से रौशन नहीं किया था. मेरे  पिता की मृत्यु बहुत  जल्द हो गयी थी. उसके बाद  मां भी अक्सर बीमार ही रहती थी. तुमने जो यह बाहों का हार मेरे गले में डाला है न…..मैं समझता हु कि भगवान ने सारी खुशियाँ मुझे सूद समेत वापस दे दी हैं. आज हमारी शादी हो चुकी है, लेकिन मेंजब भी उस सफ़र को याद कराती हूँ…..प्रेम के गहरे सागर में डूब जाती हूँ. दोस्तों मेरी यह Baahon ka haar Hindi Love Story  आपको कैसी लगी अवश्य बताये और इसी तरह की कहानी के लिए ब्लॉग को सबस्क्राइब करें और इस लिंक Mai Karun Intajaar tera Hindi love story  पर क्लिक करके दूसरी कहानी को पढ़ें.

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