Moral Story

Ahankaar kaa Nash Moral Story

Ahankaar kaa Nash Moral Story

 Ahankaar kaa Nash Moral Story जानती हो हमारे सामने किसी की हिम्मत नहीं होती है कि हमसे बात करे.  हमसे ही बड़े-बड़े राजाओं को सम्मान मिलता है. हमसे ही पुरे देश की सुरक्षा होती है. हम  जिसके साथ नहीं रहे वह समर में एक मिनट भी ठहर नहीं सकता है, ऐसी ही ना जाने कितनी खूबियाँ हैं मुझमें. अगर मैं अपनी पूरी खूबी गिनाने लागु तो एक छोटी सी किताब बन जायेगी….तलवार ने बड़ी ही रौबदार आवाज में अहंकार में  सुई से कहा

Ahankaar kaa Nash Moral Story

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अब सुई बेचारी क्या करती, वह चुपचाप तलवार की धौंस सुन रही थी. इतने में डमरू ने “डम-डम” की अपनी मधुर आवाज में बोला कि तलवार कहती तो तुम ठीक हो, लेकिन तुम अपने घमंड और अहंकार में चूर हो…क्या कभी यह सोचा है कि तुम जिस राजा-महाराजा के हाथ की शोभा बढ़ाती हो, तुम्हें देखकर बड़े से बड़े दुश्मन का कलेजा काँप जाता है…विजय तुम्हारे कदमों में रहती है…लेकिन यहाँ तुम अपनो को ही धौंस दिखा रही हो…आपनो पर ही रौब झाड़ रही हो…..तुम्हें शर्म नहीं आती है…..यह सुनकर तलवार शर्म से झुक गयी और फिर बोली कि मैं आदत से मजबूर हूँ…मैं कभी भी जोखिम नहीं लेती…मैं किसी को भी ढील नहीं देती हूँ.

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ओ सब ठीक है लेकिन यह लड़ाई का मैदान नहीं है ना….हमें हर किसी का सम्मान करना चाहिए…सबका अपना वजूद होता है…अपना महत्व होता है..इस दुनिया में कोई भी चीज बेकार नहीं होती है…हर कोई एक दुसरे से जुड़ा हुआ है….डमरू ने कहा

 

ऐसा कुछ भी नहीं होता….जो कमजोर है वह बेकार है…तलवार ने घमंड से कहा

 

वह तो समय ही बताएगा  कि कैसे तुम्हारे Ahankaar kaa Nash Moral Story  होता है…..डमरू ने मुस्कुराते हुये कहा

 

यह सब बातें सुई के दिल पर लगी…उसने ठान लिया कि मौक़ा आने पर वह तलवार से इस अपमान का बदला अवश्य ही लेगी. उसके Ahankaar kaa Nash Moral Story अवश्य ही होगा. एक दिन राजा के पांव में काँटा चुभ गया…बहुत कोशिशे की गयीं लेकिन वह नहीं निकला….राजा दर्द से छटपटा रहा था. राजा ने तुरंत ही सुई मंगवाई , लेकिन यह क्या सुई ने अपना मुंह टेढा कर लिया….जिससे काँटा नहीं निकल सका….राजा दर्द से तड़प रहा था…यह देख कर तलवार को बहुत तकलीफ हुई….लेकिन वह कुछ कर भी नहीं पा रही थी. तब राजा ने सुई से पूछा कि क्या हुआ है…ऐसी क्या बात है जो तुम गुस्सा हो गयी हो…तब डमरू ने साड़ी बात राजा को बता दी….फिर राजा ने तलवार को बहुत डांटा और उसे त्याग देने की धमकी दी….फिर तलवार ने हाथ जोड़कर सुई से क्षमा मांगी और कहा कि सही बात है इस संसार में कोई भी चीज बेकार नहीं है. उसके बाद सुई ने राजा का कांटा निकाल दिया…सुई को अपना सम्मान मिल चुका था और तलवार को भी सीख मिल गयी थी कि हर काम हर कोई नहीं कर सकता है. तो मित्रों यह Ahankaar kaa Nash Moral Story आपको कैसी लगी, मुझे अवश्य ही बतायें. अन्य कहानी के लिए इस लिंक Panchayat Moral Story पर क्लिक करें.

 

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