प्रत्यय किसे कहते हैं

प्रत्यय किसे कहते हैं | प्रत्यय की परिभाषा , उदाहरण

Spread the love

प्रत्यय किसे कहते हैं | प्रत्यय के उदाहरण | प्रत्यय की परिभाषा | प्रत्यय के प्रकार | Prtyay in hindi
प्रत्यय बहुत ही इम्पोर्टेन्ट विषय है जो की हर साल और हर प्रतियोगी परीक्षाओ में पूछा जाता है। खास कर स्टेट एग्जाम के जो परीक्षा होता है उसमे पूछा जाता है। तो हम इस लेख में जानेगे की प्रत्यय क्या है। इसकी परिभाषा क्या , प्रत्यय के भेद कितने होते है और प्रत्यय के उदाहरण भी देखंगे।

प्रत्यय दो शब्दो से मिलकर बना है , प्रति + अय = प्रत्यय , प्रति का अर्थ है साथ में , पर बाद में और अय का अर्थ है चलने वाला तो प्रत्यय का पूरा अर्थ होगा – शब्दो के साथ पर बाद में लगने वाला। उपसर्ग शब्द के पहले लगते है और प्रत्यय शब्द के बाद में

प्रत्यय का नियम – प्रत्यय किसे कहते हैं
१- शब्दांश होते हैं।
२- शब्द के बाद में लगते हैं।
३- अर्थ में बदलाव लाते है।

प्रत्यय की परिभाषा | pratyay ki paribhasha

प्रत्यय किसे कहते हैं – वे शब्दांश जो किसी शब्द के अंत में लगकर उस शब्द के अर्थ में परिवर्तन ला देते है। उन्हें प्रत्यय कहते है। जैसे –
बिक + आऊ = बिकाऊ
बड़ा + आई = बड़ाई
मिल + आवट = मिलावट

उदाहरण –
मूलशब्द + प्रत्यय = शब्द
जादू + गर = जादूगर
दुकान + दार = दुकानदार
धन + वान = धनवान
सफल + ता = सफलता
घबरा + आहट = घबराहट
मानव + ईय = मानवीय
बन + आवट = बनावट
चुन + आव = चुनाव
मानव + ता = मानवता
पर्वत + ईय = पर्वतीय
अच्छा + आई = अच्छाई

प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं

1- कृत प्रत्यय (Krit Pratyay , 2- तद्धित प्रत्यय

प्रत्यय को इंग्लिश में suffix कहा जाता है प्रत्यय की दो बाते बहुत खास होती है। प्रत्यय शब्दांश होता है जो किसी शब्द के बाद में लग कर के या फिर अंत में लग कर के एक नए शब्द की रचना करता है। तो हमे यहाँ दो बाते नज़र आई पहला शब्दांश और दूसरा शब्द के अंत में प्रयोग तो हम कह सकते है की प्रत्यय एक शब्दांश होता है जो किसी शब्द के अंत में लगकर एक नया शब्द बनाए उसे हम प्रत्यय कहते है।

शब्द के अंत जोड़कर के नया शब्द बनाने की दो प्रक्रिया होती है। या दो प्रकार की प्रक्रिया होती है। कुछ तो ऐसे शब्दांश होते है जो क्रिया के धातुओं या मुख्य रूप के अंत में जुड़ते है। और कुछ ऐसे होते है जो संज्ञा सर्वनाम या विशेष शब्दो के अंत में जुड़ कर के एक नया शब्द बनाते है।

तो इस तरह से दो criteria होते है प्रत्यय में पहली criteria जो क्रिया शब्दो के अंत में लग कर के एक नया शब्द बनाते है। तो इन्हे हम कृत प्रत्यय कहते है। ऐसे शब्दांश जो किसी क्रिया या किसी क्रिया के धातु के अंत में लग कर के एक नया शब्द बनती है उन शब्दांशों को या शब्द के अंशो को हम कृत प्रत्यय कहते हैं। उन शब्दांशों की कृत प्रत्यय कहा जायेगा न की नए शब्दो को कृत प्रत्यय कहा जायेगा।

दूसरा criteria ऐसे शब्दांश जो संज्ञा सर्वनाम या विशेषण शब्दो के अंत में लग कर के एक नया शब्द बनाते है ,तो उन्हें हम तद्धित प्रत्यय कहते हैं। तो ये दो criteria हैं। तो जब संज्ञा या सर्वनाम या विशेषण के अंत में जुड़ेगा तो हम होने तद्धित प्रत्यय कहते हैं। जब वह क्रिया के मूल रूप के अंत में लगा कर के एक नया शब्द बनाते है तो उन्हें हम कृत प्रत्यय कहते है।

कृत प्रत्यय

कृत प्रत्यय धातु या क्रियापद के अंत में जुड़कर शब्द बनाते है।

अब हम कुछ कृत प्रत्यय के देखंगे जो शब्द के अंत में लगते है , लेकिन क्रिया के धातु के अंत में लगते है , तो हम देखंगे की इनसे बनाने वाले नए शब्द क्या है।

अंत = रटंत , गढंत , बढंत – तो रट के अंत में लगा है अंत तो ये हो गया रटंत और गढंत गढ़ शब्द के अंत में अंत लगा है तो ये हो गढंत
अन = ढक्क्न , मरण , चिंतन
अक्कड़ = घुमक्कड़ , पियक्कड़
आ = भुला , भटका , देखा
आई = लिखाई , पढाई
आऊ = कमाऊ , बिकाऊ , टिकाऊ
आक = चालक , तैराक
आकू = लड़ाकू , पढ़ाकू , उड़ाकू
आन = मिलान , लगान , उड़ान
आव = बहाव , मिलाव , कटाव
आवट = लिखावट , बनावट
आवना = डरावना , लुभावना
आवा = पहनावा , बुलावा , दिखावा
आलू = दयालु , लजालू
आस = प्यास , मिठास , निकास
आहट = चिल्लाहट , घबराहाट
इयल = मरियल , सड़ियल
इया = घटिया , बढ़िया
ई = हँसी , खिड़की , घुड़की , धमकी
ऊ = रट्टू , चालू , खाऊ
एरा = लुटेरा , कमेरा , ममेरा
ऐत = लठैत , लड़ैत
ऐसा = पढ़ैया , खिवैया

कुछ अन्य प्रत्यय
ऐल = रखैल
औती = मनौती , फिरौती , पनौती
क = लेखक , पाकल , नामक
कर = लिखकर , जाकर , सुनकर , समझकर , बूझकर , पकड़कर , सुधरकर
त = पढ़त , लिखत , सूंघत , बुझत , सूझत
ता = डूबता , रमता , बहता , सोखता , मटकता , भटकता
ती = घाटती , फिरती , बढ़ती
न = चलन , खान , पान , लेन , देन
ना = चलना , पढ़ना , बैठना , उठना , सोना , लेटना , गिरना
नी = करनी , भरनी , ओढ़नी
आनीय = गोपनीय , करणीय , पढ़नीय

तद्धित प्रत्यय

अब हम कुछ तद्धित प्रत्यय जिसमे आप को कुछ ऐसे प्रत्यय देखेंगे शब्दांश देखंगे जो संज्ञा सर्वनाम और विशेषण शब्दो के अंत में rah कर के नए शब्द बनाते है। कुछ उदाहरण के madhyam से samjhte है , tadhiy प्रत्यय।

तद्धित प्रत्यय संज्ञा सर्वनाम आदि शब्दो के अंत में जुड़कर शब्द निर्माण करते है। या क्रिया को छोड़ कर संज्ञा सर्वनाम विशेषण आदि में जुड़ कर नए शब्द बनाने वाले तद्धित प्रत्यय कहलाते है।

जैसे –
मानव + ता = मानवता
जादू + गर = जादूगर
बाल + पन = बालपन
लिख + आई = लिखाई

ये प्रत्यय संज्ञा सर्वनाम और विशेषण शब्दो के अंत में लगते है। कुछ कुछ प्रत्यय ऐसे भी होते है जो क्रिया के मूल रूप के बाद भी लगते है। और इसके आलावा संज्ञा सर्वनाम और विशेषण के बाद भी लगते है।

आ = भूखा , प्यासा , मैला
आई = बुराई , चतुराई , ठकुराई
आऊ = पंडिताऊ , उपजाऊ
आना = घराना , रोजाना
इक = धार्मिक , समाजिक , नैतिक
ईया = दुखिया , खटिया
ईला = चमकीला , बर्फीला
कार = चित्रकार , नाटककार
खोर = घूसखोर , हरामखोर
गुना = सौगुना , तिगुना
दार = दुकानदार , चौकीदार , जमींदार

प्रत्यय से पूछे जाने वाले प्रश्न

मुखिया शब्द में कौन-सा प्रत्यय जुड़ा है।
१- या
२- ईय
३- आनीय
४- ईया

वान प्रत्यय जुड़ने से बना हुआ शब्द है –
१- बुद्धिमान
२- बलवान
३- गतिमान
४- शक्तिमान

ता प्रत्यय जोड़ने से शब्द बनेगा –
१- पढता
२- मित्रता
३- पीड़ित
४- पाठक

महान शब्द में त्व प्रत्यय जोड़ने से बनेगा –
१- महत्ता
२- महनीय
३- महती
४- महत्व

आई प्रत्यय जोड़ने से बना हुआ शब्द है –
१- जयपुरी
२- अजमेरी
३- मिठाई
४- सर्दी

किस शब्द में आ प्रत्यय नहीं है।
१- देखा
२- तन्वी
३- सूखा
४- भूखा

किस शब्द में इक प्रत्यय नहीं है –
१- दैहिक
२- वैदिक
३- नासिक
४- दैविक

पितृ शब्द में इक प्रत्यय लगाने से शुद्ध रूप बनेगा –
१- पैतृक
२- पैत्रक
३- पैत्रिक
४- पेत्रिक

पढाई शब्द में प्रत्यय है –
१- इ
२- ई
३- ईय
४- आई

निम्नलिखित में से किस प्रत्यय का प्रयोग करने से वृद्ध स्त्रीलिंग हो जायेगा –

१- ईनी
२- ता
३- आ
४- इया

इसे भी पढ़े… Hindi Vyakaran 

Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Do You Want work from home jobA Genuine Way To Earn Money Online

Don’t miss out this chance to become part of our community,

We Will Guide You on How You Can Earn $10 To $50 Per Day in A Working Method.